खेल उत्कृष्टता की नई पहचान : श्री श्री विश्वविद्यालय की प्रेरणादायी विजयगाथा
शिक्षा केवल कक्षाओं की सीमाओं में कैद ज्ञान नहीं है। शिक्षा तब पूर्ण होती है जब वह व्यक्ति के भीतर अनुशासन, साहस, नेतृत्व और टीम भावना जैसे गुणों का भी विकास करती है। खेल इन सभी गुणों का सबसे सशक्त माध्यम है। इसी विचारधारा को साकार रूप देते हुए भुवनेश्वर स्थित श्री श्री विश्वविद्यालय ने शिक्षा के साथ-साथ खेल जगत में भी अपनी सशक्त पहचान स्थापित की है। आज यह विश्वविद्यालय केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता का केंद्र ही नहीं, बल्कि खेल प्रतिभाओं के विकास का एक उभरता हुआ मंच भी बन चुका है। यहाँ के खेल मैदानों में केवल प्रतियोगिताएँ ही नहीं होतीं, बल्कि वहाँ भविष्य के चैंपियन गढ़े जाते हैं।
खेल और शिक्षा का संतुलित संगम
किसी भी संस्थान की वास्तविक पहचान केवल उसके परिणामों से नहीं, बल्कि
उसकी समग्र दृष्टि से बनती है। श्री श्री विश्वविद्यालय की यही दृष्टि इसे विशिष्ट
बनाती है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि खेल केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की एक सशक्त प्रक्रिया है। यही कारण है कि यहाँ
खेलों को पाठ्यक्रम और परिसर जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाया गया है। क्रिकेट,
फुटबॉल, खो-खो, कबड्डी,
वॉलीबॉल, बास्केटबॉल और बैडमिंटन जैसे विभिन्न
खेलों में यहाँ के विद्यार्थी निरंतर भाग लेते हैं और राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर पर
अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं। वर्ष भर आयोजित होने वाली विभिन्न अंतर-विश्वविद्यालय
प्रतियोगिताओं में श्री श्री विश्वविद्यालय के खिलाड़ियों ने जिस समर्पण और उत्साह
के साथ भाग लिया है, उसने विश्वविद्यालय को खेल जगत में एक
सम्मानजनक स्थान दिलाया है।
सुदृढ़ क्रीड़ा प्रबंधन और नेतृत्व
किसी भी उपलब्धि के पीछे एक सशक्त संगठनात्मक ढाँचा होता है। श्री श्री
विश्वविद्यालय में खेलों के विकास के लिए एक सक्रिय और दूरदर्शी क्रीड़ा प्रबंधन
समिति कार्यरत है। इस समिति में विभिन्न विभागों के अनुभवी और खेल प्रेमी
व्यक्तित्व शामिल हैं, जिनका उद्देश्य विश्वविद्यालय में खेल संस्कृति को और अधिक
मजबूत बनाना है।
यह समिति खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं में भागीदारी, खेल सुविधाओं के विकास और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के मार्गदर्शन जैसे
महत्वपूर्ण कार्यों की देखरेख करती है। इसके साथ ही विभिन्न खेलों के अनुभवी कोचों
को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि खिलाड़ियों को बेहतर
तकनीकी प्रशिक्षण और रणनीतिक मार्गदर्शन मिल सके।
2026 : उपलब्धियों से भरा एक स्वर्णिम
वर्ष
वर्ष 2026 श्री श्री विश्वविद्यालय के लिए खेल उपलब्धियों के
दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। इस वर्ष आयोजित कई प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं
में विश्वविद्यालय की टीमों ने शानदार प्रदर्शन किया। क्रीड़ा-2026, इंजीनियर्स कप-2026 और एटीओएस-2026 जैसे प्रमुख अंतर-विश्वविद्यालय टूर्नामेंटों में विश्वविद्यालय के
खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का अद्भुत परिचय दिया।
एसएसयू खो-खो टीम की शानदार सफलता
एसएसयू खो-खो (पुरुष) टीम ने 7–9 मार्च को ओडिशा के सरंग स्थित
इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में आयोजित इंटर कॉलेज स्पोर्ट्स कार्निवल
UTSAHAN-2026 में उपविजेता ट्रॉफी हासिल की। कोच श्री
सत्यब्रत नायक के मार्गदर्शन में टीम ने अपने तीनों लीग मैच राउरकेला इंस्टीट्यूट
ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज से 12–00, गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज से 15–04
और आईजीआईटी सरंग बी-टीम से 07–05 पाइंट से जीतकर फाइनल में
प्रवेश किया। फाइनल में टीम 17–14 पाइंट के करीबी मुकाबले में हारकर उपविजेता रही। यह उपलब्धि पिछले तीन वर्षों
में टीम की पहली बड़ी सफलता है, जो उनकी मेहनत और टीम भावना को दर्शाती है।
क्रीड़ा-2026 में ऐतिहासिक सफलता
भुवनेश्वर स्थित आईआईआईटी द्वारा आयोजित अंतर-विश्वविद्यालय खेल महोत्सव “क्रीड़ा-2026” में श्री श्री विश्वविद्यालय ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की। पुरुष बास्केटबॉल प्रतियोगिता में 12 टीमों के बीच हुए मुकाबलों में विश्वविद्यालय की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चैंपियन का खिताब जीता। लीग चरण में टीम ने सीजीयू को 50-15 अंकों से और आईटीईआर (एसओए विश्वविद्यालय) को 43-16 अंकों से पराजित किया। इसके बाद सेमीफाइनल में एसओए को 60-29 से हराकर टीम फाइनल में पहुँची। फाइनल मुकाबले में मेज़बान आईआईआईटी भुवनेश्वर के खिलाफ टीम ने दमदार प्रदर्शन करते हुए 36-19 अंकों से जीत दर्ज की और चैंपियन बन गई। इस शानदार प्रदर्शन के लिए टीम के कप्तान शोभन कुमार प्रधान को “प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट” चुना गया।
फुटबॉल प्रतियोगिता में भी विश्वविद्यालय की टीम ने शानदार प्रदर्शन किया।
लीग मैचों में ओयूटीआर को 2-0 और एसओए विश्वविद्यालय को 1-0 से
हराकर टीम सेमीफाइनल में पहुँची। सेमीफाइनल में आईआईआईटी भुवनेश्वर को 1-0 से हराकर टीम फाइनल में पहुँची, हालांकि अंतिम
मुकाबले में बिड़ला ग्लोबल यूनिवर्सिटी से 0-1 से हारकर टीम
उपविजेता रही।
इंजीनियर्स कप-2026 : दोहरी जीत
भुवनेश्वर स्थित ओयूटीआर परिसर में आयोजित इंजीनियर्स कप-2026 में
भी श्री श्री विश्वविद्यालय की टीमों ने शानदार प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता में
पुरुष और महिला दोनों बास्केटबॉल टीमों ने चैंपियन बनकर विश्वविद्यालय का गौरव
बढ़ाया। पुरुष बास्केटबॉल टीम ने फाइनल में ओयूटीआर को 65-45 अंकों से हराकर खिताब अपने नाम किया। वहीं महिला बास्केटबॉल टीम ने
रोमांचक मुकाबले में आईआईटी भुवनेश्वर को 24-22 से हराकर
चैंपियनशिप जीत ली। इस प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय की महिला कबड्डी टीम ने भी
अद्भुत प्रदर्शन किया। आठ टीमों के बीच हुए इस टूर्नामेंट में टीम ने लीग मैचों
में रेवेनशॉ विश्वविद्यालय और वीएसएसयूटी को हराया। सेमीफाइनल में एसओए
विश्वविद्यालय को 27-22 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया और
फाइनल में ओयूटीआर को 29-24 से हराकर चैंपियन बन गई।
एटीओएस-2026 में दमदार प्रदर्शन
बिड़ला ग्लोबल यूनिवर्सिटी में आयोजित एटीओएस-2026 प्रतियोगिता
में भी श्री श्री विश्वविद्यालय की टीमों ने शानदार प्रदर्शन किया। पुरुष
बास्केटबॉल टीम ने सेमीफाइनल में संबलपुर विश्वविद्यालय को हराकर फाइनल में प्रवेश
किया और फाइनल में बिड़ला ग्लोबल यूनिवर्सिटी को 70-25 अंकों
से हराकर चैंपियन बन गई। इस प्रतियोगिता में अमृत गौरव राय को “सर्वश्रेष्ठ
खिलाड़ी” घोषित किया गया। कबड्डी टीम भी फाइनल तक पहुँची और उपविजेता रही, जबकि वॉलीबॉल टीम ने सेमीफाइनल तक पहुँचकर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।
2025 की गौरवपूर्ण उपलब्धियाँ
वर्ष 2025 भी विश्वविद्यालय के लिए कई उपलब्धियों से भरा रहा। आईआईटी
भुवनेश्वर द्वारा आयोजित अंतर-विश्वविद्यालय बास्केटबॉल टूर्नामेंट अश्वमेध-2025
में श्री श्री विश्वविद्यालय ने चैंपियन का खिताब जीता। फाइनल
मुकाबले में आईआईटी भुवनेश्वर को 71-47 अंकों से हराकर टीम
ने शानदार विजय प्राप्त की।
इसके अलावा “बिग ऑरेंज बास्केटबॉल लीग-2025” में भी विश्वविद्यालय की टीम ने
फाइनल में केआईआईटी विश्वविद्यालय को 60-57 से हराकर
चैंपियनशिप जीती। इस मैच में अमृत गौरव राय को “मैन ऑफ द फाइनल” चुना गया।
बैडमिंटन में स्वर्णिम उपलब्धि
कटक जिला बैडमिंटन एसोसिएशन द्वारा आयोजित अंतर-महाविद्यालय बैडमिंटन
चैंपियनशिप-2025 में भी श्री श्री विश्वविद्यालय के खिलाड़ियों ने
शानदार प्रदर्शन किया। पुरुष और महिला दोनों वर्गों में खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक
जीतकर विश्वविद्यालय को गौरवान्वित किया। पुरुष डबल्स में विश्वविद्यालय के
खिलाड़ी अरिजीत साहू ने रेवेनशॉ विश्वविद्यालय के ओंकार पटेल के साथ मिलकर स्वर्ण
पदक जीता। वहीं महिला डबल्स में रिद्धिमा बनवाले और श्रेया पटेल की जोड़ी ने
स्वर्ण पदक जीतकर विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया।
खेल भावना का उत्सव
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित मिनी मैराथन
ने भी खेल भावना को नई ऊर्जा दी। इस प्रतियोगिता में 130 से
अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया था। पुरुष वर्ग में स्नेहाशीष राय
प्रथम, लीडिंग स्टार रावन द्वितीय और आकाश महतो तृतीय स्थान
पर रहे। वहीं महिला वर्ग में मीनाक्षी बोरा प्रथम, कामाक्षी
ठाकुर द्वितीय और नंदिनी राउत तृतीय स्थान पर रहीं थी।
नेतृत्व का प्रोत्साहन
विश्वविद्यालय की इन शानदार उपलब्धियों पर कुलाध्यक्षा प्रो. रजिता
कुलकर्णी, कुलपति प्रो. (डॉ.) तेजपरताप, कुलसचिव
प्रो. (डॉ.) अनिल शर्मा, कार्मिक निदेशक स्वामी सत्यचैतन्य,
विद्यार्थी कल्याण विभाग के डीन प्रो. (डॉ.) जयप्रकाश भट्ट तथा मानव
संसाधन उप-निदेशक ज्योति रंजन गड़नायक प्रमुख ने सभी खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ
को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं।
भविष्य की ओर
इन सभी उपलब्धियों को देखते हुए यह स्पष्ट है कि श्री श्री विश्वविद्यालय
खेल जगत में एक सशक्त और उभरती हुई संस्था के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। यह
केवल जीत की कहानी नहीं है, यह उन सपनों की कहानी है, जो
मैदान पर पसीने से लिखे जाते हैं। और शायद यही कारण है कि आज श्री श्री
विश्वविद्यालय के खेल मैदान केवल प्रतियोगिताओं के स्थल नहीं रहे, बल्कि वे भविष्य के चैंपियनों की जन्मभूमि बन चुके हैं।

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