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Showing posts from March, 2026

SSUIMUN 9.0: A Transformative Journey of Diplomacy, Leadership and Global Dialogue

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SSUIMUN 9.0, a dynamic three-day International Model United Nations conference was proudly hosted by Sri Sri University bringing together over 150 passionate delegates from diverse academic institutions. Built around the compelling theme ' The Phoenix Revival,'  the conference symbolized resilience, rebirth and the power of youth to rise, rebuild and redefine the future through meaningful global dialogue. From the very outset, the atmosphere was charged with enthusiasm and intellectual curiosity, as young minds stepped into the roles of diplomats, policymakers and global leaders. The event served as a powerful platform not only for academic engagement but also for personal growth, leadership development and cross-cultural exchange. The conference journey commenced on March 19th with the vibrant and culturally rich Diplomats’ Carnival, beautifully integrated with Ugadi celebrations. The evening unfolded with a ceremonial parade of the organizing committee, setting a tone of pri...

खेल उत्कृष्टता की नई पहचान : श्री श्री विश्वविद्यालय की प्रेरणादायी विजयगाथा

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शिक्षा केवल कक्षाओं की सीमाओं में कैद ज्ञान नहीं है। शिक्षा तब पूर्ण होती है जब वह व्यक्ति के भीतर अनुशासन , साहस , नेतृत्व और टीम भावना जैसे गुणों का भी विकास करती है। खेल इन सभी गुणों का सबसे सशक्त माध्यम है। इसी विचारधारा को साकार रूप देते हुए भुवनेश्वर स्थित श्री श्री विश्वविद्यालय ने शिक्षा के साथ-साथ खेल जगत में भी अपनी सशक्त पहचान स्थापित की है। आज यह विश्वविद्यालय केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता का केंद्र ही नहीं , बल्कि खेल प्रतिभाओं के विकास का एक उभरता हुआ मंच भी बन चुका है। यहाँ के खेल मैदानों में केवल प्रतियोगिताएँ ही नहीं होतीं , बल्कि वहाँ भविष्य के चैंपियन गढ़े जाते हैं। खेल और शिक्षा का संतुलित संगम किसी भी संस्थान की वास्तविक पहचान केवल उसके परिणामों से नहीं , बल्कि उसकी समग्र दृष्टि से बनती है। श्री श्री विश्वविद्यालय की यही दृष्टि इसे विशिष्ट बनाती है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि खेल केवल मनोरंजन नहीं , बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की एक सशक्त प्रक्रिया है। यही कारण है कि यहाँ खेलों को पाठ्यक्रम और परिसर जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाया गया है। क्रिकेट , फुटबॉल , खो-खो...

साहित्य, साहस और संस्कार का संगम: श्री श्री विश्वविद्यालय में ‘साहित्य संवाद’ ने जगाई नई प्रेरणा

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प्रेरणा का उत्सव ‘साहित्य संवाद’ श्री श्री विश्वविद्यालय में आयोजित प्रेरणादायी कार्यक्रम ‘ साहित्य संवाद’ के अवसर पर भारतीय थलसेना के सेवानिवृत्त मेजर जनरल जी. डी. बक्शी ने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि जीवन में जीवित रहना ही उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने एक रोचक प्रसंग सुनाते हुए बताया कि एक बार जब उन्हें लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा था , उस समय भारत के पूर्व कैबिनेट सचिव और चुनाव आयुक्त टी. एस. सुब्रमण्यम ने उनसे प्रश्न किया था , “ मेजर बक्शी , आपने इतने वर्षों तक देश की सेवा की है। आपके जीवन की सबसे बड़ी घटना कौन-सी है ?” इस प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा , “ मेरे लिए जीवित रहना ही मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि है। अपने सैन्य जीवन में मैंने अनेक युद्धों और कठिन परिस्थितियों का सामना किया है। उन युद्धों के दौरान मैंने अपने सैनिक साथियों को बहुत करीब से वीरगति प्राप्त करते हुए देखा है। ऐसे में आज भी जीवित रहना मेरे लिए जीवन की सबसे बड़ी घटना और सबसे बड़ी उपलब्धि है।” भगवद्गीता की शिक्षाओं से जीवन का मार्गदर्शन कार्यक्रम के दौरान मेजर जनरल बक...