फूलों में उतरी करुणा: श्री श्री विश्वविद्यालय का ‘धरा अनुग्रह’
माघ महीने की अंतिम ठंडी हवाओं के बीच जब सामान्यतः प्रकृति विश्राम की स्थिति में होती है, उसी समय कटक के समीप स्थित श्री श्री विश्वविद्यालय का परिसर असमय पुष्प-वसंत की आभा से सराबोर हो उठा है। ठंड की हल्की-सी सिहरन के बीच रंग-बिरंगे फूलों की यह अप्रत्याशित बहार किसी स्वप्नलोक जैसी प्रतीत होती है। ऐसा लगता है मानो ऋतुओं का क्रम स्वयं यहाँ आकर ठहर गया हो और फागुन अपनी संपूर्ण भव्यता के साथ समय से पहले धरती पर उतर आया हो। खिले हुए फूल अपनी मोहक आकृतियों और सुवास से आगंतुकों को अनायास ही आकर्षित करते हैं, मानो वे मौन भाषा में यह कह रहे हों कि प्रकृति को देखने, समझने और सहेजने का यही उपयुक्त क्षण है। इन दिनों श्री श्री विश्वविद्यालय का समूचा परिसर एक जीवंत, सजीव और संवेदनशील पुष्प उद्यान का रूप धारण कर चुका है। हर दिशा में फैली फूलों की सुगंध वातावरण को इस प्रकार सुवासित कर रही है कि यहाँ आने वाला प्रत्येक व्यक्ति कुछ क्षणों के लिए अपने भीतर उतरने को विवश हो जाता है। रंगों की विविधता, पंखुड़ियों की कोमलता और हरियाली की ताजगी मिलकर ऐसा दृश्य रचती है, जहाँ सौंदर्य केवल देखा नहीं जाता, बल...