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Showing posts from December, 2025

जिम्मेदारी के साथ विकास का सुचारु प्रबंधन आज की आवश्यकता

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  वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में जब औद्योगिक , तकनीकी और आर्थिक विकास अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ रहा है , तब उसके साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व , पर्यावरण संरक्षण और सुशासन की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। विकास अब केवल आर्थिक सूचकांकों या लाभ तक सीमित नहीं रह गया है , बल्कि यह इस बात से भी जुड़ा हुआ है कि विकास की प्रक्रिया समाज , पर्यावरण और भावी पीढ़ियों को किस प्रकार प्रभावित करती है। इसी गंभीर और प्रासंगिक विषय को केंद्र में रखते हुए श्री श्री विश्वविद्यालय के फ़ैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़ ( FMS) द्वारा “मैनेजिंग ग्रोथ विद रिस्पॉन्सिबिलिटी: ESG, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन” विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों , शिक्षकों , शोधार्थियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को जिम्मेदार विकास ( Responsible Growth), ESG (Environmental, Social, Governance) और प्रौद्योगिकी आधारित नवाचार की अवधारणाओं से अवगत कराना था , ताकि भविष्य में वे न केवल कुशल पेशेवर बनें , बल्कि समाज और प्रकृति के प्रति सजग नागरिक भी बन सकें। कार्यशाला के उद्घाटन सत्र ...

विचार से क्रियान्वयन तक: DIGII 100 समिट में प्रो. (श्रीमती) रजिता कुलकर्णी

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  (प्रो. रजिता कुलकर्णी को DIGII 100 राउंड टेबल समिट में सम्मानित किया जा रहा है)      कुछ नेता संस्थानों का निर्माण करते हैं। कुछ व्यवस्थाओं को बदलते हैं। और फिर कुछ ऐसे विरल होते हैं जो सोच को दिशा देते हैं , मूल्यों को जागृत करते हैं और नेतृत्व की परिभाषा ही बदल देते हैं । इसी विशिष्ट श्रेणी में एक प्रेरणादायी नाम है प्रो. (श्रीमती) रजिता कुलकर्णी। वैश्विक बैंकिंग की सुसज्जित कॉर्पोरेट बैठकों से लेकर समग्र शिक्षा के आत्ममंथन से भरे कक्षाओं तक उनकी यात्रा केवल एक करियर परिवर्तन नहीं , बल्कि साहसपूर्वक स्वीकार किया गया एक आह्वान है। सिटीबैंक में एक वरिष्ठ नेतृत्वकारी भूमिका निभाने के बाद , उन्होंने पारंपरिक सफलता की परिभाषा से आगे बढ़कर एक गहन उद्देश्य को चुना , और वह है- नेतृत्व को मानवीय बनाना और शिक्षा के केंद्र में नैतिकता को स्थापित करना ।      आज , श्री श्री विश्वविद्यालय की कुलाध्यक्षा तथा वर्ल्ड फ़ोरम फ़ॉर एथिक्स इन बिज़नेस की अध्यक्षा के रूप में , वे ज्ञान और कर्म के संगम पर खड़ी हैं एक ऐसे भविष्य का मार्ग प्रशस्त करते हुए, जहाँ उत्कृष्ट...

ऊर्जा दक्षता में अग्रणी बना श्री श्री विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय मंच पर हासिल किया ‘शीर्ष प्रदर्शनकर्ता’ सम्मान

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  (ओडिशा राज्य ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार ट्रॉफी के साथ स्वामी सत्यचैतन्य, टी. नवीन कुमार एवं श्री लालू) ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरणीय सततता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए कटक स्थित श्री श्री विश्वविद्यालय को एक प्रतिष्ठित उपलब्धि प्राप्त हुई है। राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस के अवसर पर आयोजित ओडिशा राज्य ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार 2025 में विश्वविद्यालय को ‘ शीर्ष प्रदर्शनकर्ता – शैक्षणिक संस्थान’ के सम्मान से अलंकृत किया गया। यह उपलब्धि न केवल विश्वविद्यालय की ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है , बल्कि शिक्षा के माध्यम से सतत विकास को साकार करने की उसकी दूरदर्शी सोच को भी रेखांकित करती है। श्री श्री विश्वविद्यालय लंबे समय से हरित और सतत परिसर के निर्माण की दिशा में निरंतर प्रयास करता आ रहा है। ऊर्जा संरक्षण को संस्थागत संस्कृति का हिस्सा बनाते हुए विश्वविद्यालय ने अनेक नवाचारपूर्ण और पर्यावरण-अनुकूल पहलें अपनाई हैं। इनमें ऊर्जा दक्ष उपकरणों का उपयोग , विद्युत खपत को नियंत्रित करने की योजनाएँ , जागरूकता कार्यक्रम तथा संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग जै...

भविष्य में स्टार्टअप हब बनेगा ओडिशा: स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन में जागी उम्मीद

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• श्री श्री विश्वविद्यालय में स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन का आयोजन • 12 राज्यों से 120 प्रतिभागी और 22 मेंटर्स ने लिया हिस्सा • लगातार 36 घंटे तक चला एसआईएच- 2025 • 4 विजेता समूहों को मिले 6 लाख रुपये पुरस्कार राशि ( स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन में अतिथीओं से प्रमाणपत्र लेते हुए विद्यार्थी ) श्री श्री विश्वविद्यालय क्रमशः राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान मजबूत करने में सफल रहा है। शिक्षा के साथ उत्तम संस्कार और चरित्र निर्माण को महत्व देने वाला यह देश के उन विरले शिक्षण संस्थानों में से एक है , जो इस दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। यही कारण है कि यहाँ से अध्ययन पूरा कर चुके विद्यार्थी समाज के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों में उच्च पदों पर आसीन हैं। ( SIH-2025 में अपने इनोवेटिव क्रिएसन् में निमग्न विद्यार्थी ) इस विश्वविद्यालय की स्थापना को पंद्रह वर्ष भी नहीं हुए हैं , फिर भी यह उच्च शिक्षा के क्षेत्र में केवल ओडिशा या भारत ही नहीं , बल्कि विदेशों में भी एक माइलस्टोन जैसी पहचान प्राप्त कर चुका है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 के अनुसार शिक्षा क्षेत्र में जो निरंतर विकास लक्ष्य निर्धारित किए...