भविष्य में स्टार्टअप हब बनेगा ओडिशा: स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन में जागी उम्मीद
• श्री श्री विश्वविद्यालय में
स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन का आयोजन
• 12 राज्यों से 120 प्रतिभागी और 22 मेंटर्स ने लिया हिस्सा
• लगातार 36 घंटे तक चला एसआईएच-2025
• 4 विजेता
समूहों को मिले 6 लाख रुपये पुरस्कार राशि
श्री श्री विश्वविद्यालय क्रमशः राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान मजबूत करने में सफल रहा है। शिक्षा के साथ उत्तम संस्कार और चरित्र निर्माण को महत्व देने वाला यह देश के उन विरले शिक्षण संस्थानों में से एक है, जो इस दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। यही कारण है कि यहाँ से अध्ययन पूरा कर चुके विद्यार्थी समाज के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों में उच्च पदों पर आसीन हैं।
इस विश्वविद्यालय की स्थापना को पंद्रह वर्ष भी नहीं हुए हैं, फिर भी यह उच्च शिक्षा के क्षेत्र में केवल ओडिशा या
भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी एक माइलस्टोन
जैसी पहचान प्राप्त कर चुका है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुसार शिक्षा क्षेत्र में जो निरंतर विकास लक्ष्य
निर्धारित किए गए हैं, उनमें भी श्री श्री विश्वविद्यालय
ने सर्वभारतीय स्तर पर उच्च रैंक प्राप्त किया है। राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता
मिलने का ताजा उदाहरण है, 8 और 9 दिसंबर को 36 घंटे का स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन का सफल आयोजन।
विश्वविद्यालय के फ़ैकल्टी ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यांत्रिक और तकनीकी विभाग) के सहयोग से यहाँ “स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन – सॉफ्टवेयर संस्करण” के फाइनल का सफल समापन हुआ। विभाग के डीन प्रो. (डॉ.) आर. एन. शतपथी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के SPOC श्री प्रीतम नंदा थे जबकि एसोसिएट प्रोफेसर एवं सहायक डीन (स्टूडेंट अफेयर्स) डॉ. सत्यजीत पटनायक समन्वयन दायित्व बखुवि निभाया । कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूपसे जुड़े प्रत्येक FET फ़ैकल्टी वॉलंटियर, विद्यार्थी वॉलंटियर, जूरी सदस्यों तथा अन्य सभी को प्रो. जी. पलाइ ने धन्यवाद ज्ञापित किया। यह हैकाथॉन सोमवार सुबह 8 बजे शुरू होकर मंगलवार रात 8 बजे तक लगातार 36 घंटे तक चला और अपने ‘हैकाथॉन’ नाम को सार्थक किया। बीजू पटनायक यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (BPUT) और वीर सुरेंद्र साए यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (VSSUT) के साथ, श्री श्री विश्वविद्यालय (SSU) को ओड़िशा के तीन नोडल केंद्रों में से एक चुना गया था। क्षेत्रीय स्तर पर यह अकेला निजी विश्वविद्यालय था जिसे नोडल केंद्र का दर्जा मिला। भारत सरकार और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) के संयुक्त प्रयास से यह हैकाथॉन आयोजित हुआ। इसका उद्देश्य था, प्रतिभागी विद्यार्थियों के तकनीकी ज्ञान और कौशल का उपयोग कर देश के विभिन्न क्षेत्रों के विकास हेतु प्रभावी समाधान ढूँढना।
इसी
उद्देश्य से आयोजित इस हैकाथॉन में विद्यार्थियों ने अपनी सृजनशीलता, तकनीकी क्षमता और उद्योग-संबंधित समस्याओं के
व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किए। केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों तथा देश की विभिन्न औद्योगिक संस्थाओं
के सामने उपस्थित चुनौतियों के प्रभावी सॉफ्टवेयर समाधान खोजने का लक्ष्य इस
प्रतियोगिता का मुख्य केंद्र था। यहाँ सफल प्रतिभागियों की उपलब्धियों का उपयोग
देशभर के विभिन्न सरकारी प्रोजेक्ट्स एवं विभागों में किया जाएगा। केवल भविष्य में
उपयोग के लिए ही नहीं, बल्कि प्रतिभागियों को प्रोत्साहित
करने हेतु उन्हें पुरस्कार भी प्रदान किए गए।
चूँकि
स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होता है, इसलिए देश के विभिन्न राज्यों से प्रतिभागियों ने
इसमें हिस्सा लिया। इस वर्ष श्री श्री विश्वविद्यालय में महाराष्ट्र, पंजाब, गुजरात, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और दिल्ली सहित कुल 12 राज्यों से 120 प्रतियोगी और 22 मेंटर्स सम्मिलित हुए। इसके अलावा AICTE के 2 अधिकारी, राज्य सरकार के 2 प्रतिनिधि और स्थानीय उद्योगों से 8 विशेषज्ञ जज के रूप में उपस्थित थे। केंद्रीय उच्च शिक्षा विभाग के दो
अधिकारी—संतोष कमाने और नंदाजी रावा—ने भी इस कार्यक्रम को सफल बनाने में
महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रतिभागी
संस्थानों में शामिल थे मध्यप्रदेश भोपाल के लक्ष्मीनारायण कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी, पश्चिम बंगाल के डॉ. सुधीर चंद्र सुर इंस्टिट्यूट ऑफ
टेक्नोलॉजी एंड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, तमिलनाडु के धनलक्ष्मी श्रीनिवासन इंजीनियरिंग कॉलेज, पश्चिम चंपारण का सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज, दुर्गापुर का डॉ. बी.सी. राय इंजीनियरिंग कॉलेज, फ्यूचर इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, गुजरात के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज, महाराष्ट्र का पिंपरी चिंचवड़ इंजीनियरिंग कॉलेज, हैदराबाद का BVRIT इंजीनियरिंग कॉलेज फॉर वीमेन, यूपी के KIET संस्थान, गुजरात का पारुल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, तमिलनाडु का नॉलेज इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, कोंगु इंजीनियरिंग कॉलेज, ओडिशा का गांधी इंस्टिट्यूट फॉर एजुकेशन एंड
टेक्नोलॉजी, पंजाब का IIT, कोलकाता का यूनिवर्सिटी ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट, नोएडा का JSS अकादमी, गुजरात का मधुबेन एंड भानुभाई पटेल
इंस्टिट्यूट, तमिलनाडु का श्री शिवसुबरमण्यम
नादर इंजीनियरिंग कॉलेज और हैदराबाद का चैतन्य इंजीनियरिंग कॉलेज।
प्रतियोगिता
में 4 problem
Statement (समस्या-वक्तव्य) थे :
- ग्रामीण शिक्षा के लिए
गेमिफाइड लर्निंग प्लेटफ़ॉर्म
- रोग जागरूकता हेतु एआई-आधारित
सार्वजनिक स्वास्थ्य चैटबॉट
- एआई आधारित फसल उत्पादन
पूर्वानुमान एवं अनुकूलन
- कृषि उत्पादों की आपूर्ति
श्रृंखला में ब्लॉकचेन-आधारित पारदर्शिता
इन विषयों
पर आधारित समस्याओं का समाधान 36 घंटे में
विभिन्न टीमों ने तैयार किया।
इतने लंबे
समय तक लगातार काम करने से प्रतिभागियों का मन थक सकता था, इसलिए आयोजन समिति की ओर से विशेष व्यवस्था की गई।
सोमवार रात को बोनफायर, नृत्य और संगीत कार्यक्रम आयोजित
हुआ जिसमें सभी राज्यों से आए प्रतिभागियों ने आनंद लिया। मंगलवार सुबह उन्हें मन
को तरोताज़ा रखने के लिए ज़ुम्बा डांस भी कराया गया।
फाइनल में
उपरोक्त चार समस्या-वक्तव्यों पर विजेता बने हैक लॉर्ड्स, इनोस्फियर्स, हार्ट-टू-ओ और स्वास्थ्य सहायक समूह। इन चार विजेता टीमों को कुल 6 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।
विश्वविद्यालय की कुलाध्यक्षा प्रोफेसर रजिता कुलकर्णी, कुलपति प्रोफेसर डॉ. तेजप्रताप, कार्यवाही कुलसचिव डॉ. अनिल कुमार शर्मा और कार्मिक
निदेशक स्वामी सत्यचैतन्य ने इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता के सफल आयोजन पर प्रसन्नता
व्यक्त करते हुए कहा: “स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन-2025 का आयोजन यह
सिद्ध करता है कि श्री श्री विश्वविद्यालय शोध और नवाचार के क्षेत्र में निरंतर
अग्रसर है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को सशक्त बनाने के साथ-साथ ओडिशा को
तकनीकी कौशल और स्टार्टअप का एक प्रमुख केंद्र बनाएंगे।”
इंजीनियरिंग
और टेक्नोलॉजी विभाग द्वारा इस आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराने पर विभाग के डीन प्रोफेसर डॉ. रबिनारायण शतपथी ने समस्त संकाय एवं
आयोजकों को धन्यवाद दिया।
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ଭବିଷ୍ୟତରେ ଷ୍ଟାର୍ଟ ଅପ୍ ହବ୍ ପାଲଟିବ ଓଡ଼ିଶା:
ସ୍ମାର୍ଟ ଇଣ୍ଡିଆ ହ୍ୟାକାଥନରେ ଜାଗିଲା
ଆଶା
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ଶ୍ରୀ ଶ୍ରୀ ବିଶ୍ୱବିଦ୍ୟାଳୟରେ ସ୍ମାର୍ଟ ଇଣ୍ଡିଆ ହ୍ୟାକାଥନ୍ ଆୟୋଜିତ
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12 ରାଜ୍ୟରୁ ଯୋଗଦେଲେ 120 ପ୍ରତିଯୋଗୀ, 22 ମେଣ୍ଟର
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ଦୀର୍ଘ 36 ଘଣ୍ଟା ଧରି ଲଗାତାର ଚାଲିଲା ଏସ୍ଆଇଏଚ୍-2025
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4 ବିଜେତା ଗ୍ରୁପକୁ ମିଳିଲା 6 ଲକ୍ଷ ଟଙ୍କା ପୁରସ୍କାର ରାଶି
ଶ୍ରୀ ଶ୍ରୀ ବିଶ୍ୱବିଦ୍ୟାଳୟ କ୍ରମେ ଜାତୀୟ ସ୍ତରରେ ମଧ୍ୟ ନିଜ ପରିଚୟ
ସୁଦୃଢ଼ କରିବାରେ ସଫଳ ହୋଇଛି । ଶିକ୍ଷା ସାଙ୍ଗକୁ ଉତ୍ତମ ସଂସ୍କାର ଓ ଚରିତ୍ର ଗଠନକୁ ମଧ୍ୟ
ଗୁରୁତ୍ୱ ଦେଉଥିବା ଏହା ବୋଧହୁଏ ଦେଶର କ୍ୱଚିତ୍ କିମ୍ବା ବିରଳ ଶିକ୍ଷାନୁଷ୍ଠାନ ମଧ୍ୟରୁ ଅନ୍ୟତମ
। ସେଇଥିପାଇଁ ତ ଏଠାରେ ଅଧ୍ୟୟନ ଶେଷ କରିଥିବା ବିଦ୍ୟାର୍ଥୀମାନେ ସମାଜର ବିଭିନ୍ନ ଉଚ୍ଚ
ପ୍ରତିଷ୍ଠାନମାନଙ୍କରେ ବହୁ ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ପଦପଦବୀରେ ଅଧିଷ୍ଠିତ ହୋଇଛନ୍ତି । ଏହା
ପ୍ରତିଷ୍ଠାଲାଭ କରିବାର ପନ୍ଦର ବର୍ଷ ମଧ୍ୟ ହୋଇନାହିଁ । ତଥାପି ଏହା ଉଚ୍ଚଶିକ୍ଷା କ୍ଷେତ୍ରରେ
କେବଳ ଓଡ଼ିଶା କିମ୍ବା ଭାରତ କାହିଁକି, ବରଂ ବିଦେଶରେ ମଧ୍ୟ ଏକ ମାଇଲଖୁଣ୍ଟ ସଦୃଶ ପରିଚୟ ହାସଲ
କଲାଣି । ଜାତୀୟ ଶିକ୍ଷାନୀତି-2020 ଅନୁଯାୟୀ ଶିକ୍ଷା କ୍ଷେତ୍ରରେ ଯେଉଁ ନିରନ୍ତର ବିକାଶ
ଲକ୍ଷ୍ୟସବୁ ଧାର୍ଯ୍ୟ କରାଯାଇଛି, ସେଥିରେ ମଧ୍ୟ ଶ୍ରୀ ଶ୍ରୀ ବିଶ୍ୱବିଦ୍ୟାଳୟ ସର୍ବଭାରତୀୟ
ସ୍ତରରେ ବହୁ ଉଚ୍ଚ ରାଙ୍କ ପ୍ରାପ୍ତ ହୋଇଛି । ଏହା ଜାତୀୟ ସ୍ତରରେ ମାନ୍ୟତା ପାଇବା ଓ କେନ୍ଦ୍ର ସରକାରଙ୍କ
ଦୃଷ୍ଟି ଆକର୍ଷଣ କରିବାର ସଦ୍ୟତମ ଉଦାହରଣ ହେଉଛି ଏଠାରେ ଗତ ଡିସେମ୍ବର 8 ଓ 9 ତାରିଖ ଦୁଇଦିନ
ଧରି 36 ଘଣ୍ଟିଆ ସ୍ମାର୍ଟ ଇଣ୍ଡିଆ ହ୍ୟାକାଥନ୍ ଆୟୋଜନ କରାଯିବା ।
ବିଶ୍ୱବିଦ୍ୟାଳୟର ଫାକଲ୍ଟି ଅଫ୍ ଇଞ୍ଜିନିୟରିଂ ଏଣ୍ଡ୍ ଟେକ୍ନୋଲୋଜି (ଯାନ୍ତ୍ରିକ ଓ ବୈଷୟିକ ବିଭାଗ) ସହାୟତାରେ ଏଠାରେ
ସଫଳତାର ସହ “ସ୍ମାର୍ଟ ଇଣ୍ଡିଆ ହ୍ୟାକାଥନ୍ -
ସଫ୍ଟୱେର୍ ସଂସ୍କରଣ” ଫାଇନାଲର
ପରିସମାପ୍ତି ଘଟିଛି । ଏହା ସୋମବାର ସକାଳ 8ଟାରୁ ଆରମ୍ଭ ହୋଇ ମଙ୍ଗଳବାର ରାତି 8ଟା ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ
ଲଗାତାର 36 ଘଣ୍ଟା ଧରି ଚାଲିବା ସାଙ୍ଗକୁ ବାସ୍ତବରେ ନିଜର ‘ହ୍ୟାକାଥନ୍’ ନାମକୁ ସାର୍ଥକ କରିଥିଲା । ବିଜୁ
ପଟ୍ଟନାୟକ ୟୁନିଭର୍ସିଟି ଅଫ୍ ଟେକ୍ନୋଲୋଜି (ବିପିୟୁଟି) ଓ ବୀର ସୁରେନ୍ଦ୍ର ସାଏ ୟୁନିଭର୍ସିଟି
ଅଫ୍ ଟେକ୍ନୋଲୋଜି (ଭିଏସଏସୟୁଟି) ସହ ଏକମାତ୍ର ଘରୋଇ ବିଶ୍ୱବିଦ୍ୟାଳୟ ଭାବରେ ଶ୍ରୀ ଶ୍ରୀ ୟୁନିଭର୍ସିଟି (ଏସଏସୟୁ)କୁ
ସ୍ମାର୍ଟ ଇଣ୍ଡିଆ ହ୍ୟାକାଥନ୍ ପାଇଁ ଓଡ଼ିଶାର ସମୁଦାୟ ତିନିଟି ନୋଡାଲ ସେଣ୍ଟର ମଧ୍ୟରୁ ଗୋଟିଏ
ଭାବରେ ବଛାଯାଇଥିଲା । ତେଣୁ ଆଞ୍ଚଳିକ ସ୍ତରରେ ଶ୍ରୀ ଶ୍ରୀ ବିଶ୍ୱବିଦ୍ୟାଳୟ ଥିଲା ଏକମାତ୍ର
ନୋଡାଲ୍ କେନ୍ଦ୍ର । ଭାରତ ସରକାର ଏବଂ ଅଲ୍ ଇଣ୍ଡିଆ କାଉନସିଲ୍ ଫର୍ ଟେକ୍ନିକାଲ୍ ଏଡୁକେସନ୍
(ଏଆଇସିଟିଇ)ର ମିଳିତ ଉଦ୍ୟମ ଥିହଲା ଏହି ସ୍ମାର୍ଟ ଇଣ୍ଡିଆ ହ୍ୟାକାଥନ୍ । ଏହି କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମର
ଉଦ୍ଦେଶ୍ୟ ଥିଲା ଏଥିରେ ଭାଗ ନେଉଥିବା ବିଦ୍ୟାର୍ଥୀମାନଙ୍କ ଅନ୍ତର୍ନିହିତ ବୈଷୟିକ ଜ୍ଞାନକୌଶଳକୁ
ଉପଯୋଗ କରି କିଭଳି ଦେଶର ବିଭିନ୍ନ ସେକ୍ଟରର ଉନ୍ନତି ଓ ବିକାଶ କରିହେବ, ତାହା ସୁନିଶ୍ଚିତ କରିବା ।
ସେହି ମର୍ମରେ ଆୟୋଜିତ ଉକ୍ତ ସ୍ମାର୍ଟ ଇଣ୍ଡିଆ ହ୍ୟାକାଥନରେ ଯୋଗ ଦେଇଥିବା
ବିଦ୍ୟାର୍ଥୀମାନେ ଏଥିରେ ନିଜର ସୃଜନଶୀଳତା, ବୈଷୟିକ କ୍ଷମତା ଏବଂ
ଶିଳ୍ପ ସମ୍ପର୍କିତ ସମସ୍ୟାର ଉପଯୋଗୀ ସମାଧାନ ପ୍ରସ୍ତୁତ କରିଥିଲେ । କେନ୍ଦ୍ର ସରକାରଙ୍କ ବିଭିନ୍ନ ମନ୍ତ୍ରଣାଳୟ, ରାଜ୍ୟ ସରକାରଙ୍କ ବିଭିନ୍ନ ବିଭାଗ ଏବଂ
ବିଭିନ୍ନ ଶିଳ୍ପସଂସ୍ଥା ସମ୍ମୁଖୀନ ହେଉଥିବା ଚ୍ୟାଲେଞ୍ଜ (ଆହ୍ୱାନ)ଗୁଡ଼ିକ ପାଇଁ ପ୍ରଭାବଶାଳୀ
ସଫ୍ଟୱେର୍ ସମାଧାନ ଖୋଜିବା ଥିଲା ସ୍ମାର୍ଟ ଇଣ୍ଡିଆ ହ୍ୟାକାଥନର ମୂଳ ଲକ୍ଷ୍ୟ । ଏଥିରେ ସଫଳ
ହୋଇଥିବା ବିଦ୍ୟାର୍ଥୀମାନଙ୍କ କୃତୀଗୁଡ଼ିକୁ ସର୍ବଭାରତୀୟ ସ୍ତରରେ ବିଭିନ୍ନ ପ୍ରକଳ୍ପ ଏବଂ
ସରକାରୀ ବିଭାଗରେ ଉପଯୋଗ କରାଯିବ ବୋଲି ନିଶ୍ଚିତ କରାଯାଇଥିଲା । ତେବେ କୃତୀ ପ୍ରତିଯୋଗୀମାନଙ୍କ
ଉଦ୍ଭାବନଗୁଡ଼ିକୁ କେବଳ ପରବର୍ତ୍ତୀ ସ୍ତରରେ ବ୍ୟବହାର କରାଯିବା ପାଇଁ ନିଆଯାଇ ନ ଥିଲା,
ସେମାନଙ୍କୁ ଏଥିପାଇଁ ପୁରସ୍କାର ପ୍ରଦାନ କରି ଉତ୍ସାହିତ ମଧ୍ୟ କରାଯାଇଥିଲା ।
ଏହି ସ୍ମାର୍ଟ ଇଣ୍ଡିଆ ହ୍ୟାକାଥନ୍ ସର୍ବଭାରତୀୟ ସ୍ତରରେ ଆୟୋଜିତ ହେଉଥିବାରୁ ଭାରତର
ବିଭିନ୍ନ ରାଜ୍ୟରୁ ଅଂଶଗ୍ରହଣକାରୀ ଏହି ହ୍ୟାକାଥନ୍ ପ୍ରତିଯୋଗିତାରେ ଭାଗ ନେଇଥିଲେ । ଚଳିତ
ବର୍ଷ ଶ୍ରୀ ଶ୍ରୀ ବିଶ୍ୱବିଦ୍ୟାଳୟରେ ମହାରାଷ୍ଟ୍ର, ପଞ୍ଜାବ, ଗୁଜରାଟ, ତାମିଲନାଡୁ, ପଶ୍ଚିମବଙ୍ଗ, ଆନ୍ଧ୍ରପ୍ରଦେଶ ଓ ଦିଲ୍ଲୀ ଭଳି ଦେଶର 12ଟି ରାଜ୍ୟରୁ ସମୁଦାୟ 120 ଜଣ
ପ୍ରତିଯୋଗୀ ଓ 22 ଜଣ ମେଣ୍ଟର ଯୋଗ ଦେଇଥିଲେ । ଏଥିସହ ଏଆଇସିଟିଇର 2 ଜଣ ଅଧିକାରୀ, ରାଜ୍ୟ ସରକାରଙ୍କ 2 ଜଣ ପ୍ରତିନିଧି ଏବଂ
ସ୍ଥାନୀୟ ଶିଳ୍ପସଂସ୍ଥାଗୁଡ଼ିକରୁ 8 ଜଣ ବିଶେଷଜ୍ଞ ବିଚାରକ ଭାବରେ ଯୋଗ ଦେଇଥିଲେ । କେନ୍ଦ୍ର ସରକାରଙ୍କ ଉଚ୍ଚଶିକ୍ଷା ବିଭାଗ ଅନ୍ତର୍ଗତ 2 ଜଣ ଅଧିକାରୀ ହେଉଛନ୍ତି ସନ୍ତୋଷ
କମାନେ ଏବଂ ନନ୍ଦାଜୀ ରାଭା । ସେମାନେ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମକୁ ସଫଳ କରିବା ଦିଗରେ ଗୁରୁତ୍ୱାରୋପ
କରିଥିଲେ ।
ଶ୍ରୀ ଶ୍ରୀ ବିଶ୍ୱବିଦ୍ୟାଳୟ ସ୍ମାର୍ଟ ଇଣ୍ଡିଆ ହ୍ୟାକାଥନରେ ଭାଗ ନେଇଥିବା
ଶିକ୍ଷାନୁଷ୍ଠାନଗୁଡ଼ିକ ହେଲା, ମଧ୍ୟପ୍ରଦେଶ ଭୋପାଳର ଲକ୍ଷ୍ମୀନାରାୟଣ କଲେଜ ଅଫ୍ ଟେକ୍ନୋଲୋଜି, ପଶ୍ଚିମବଙ୍ଗର ଡ. ସୁଧୀର ଚନ୍ଦ୍ର ସୁର
ଇନଷ୍ଟିଚ୍ୟୁଟ୍ ଅଫ୍ ଟେକ୍ନୋଲୋଜି ଏଣ୍ଡ୍ ସ୍ପୋର୍ଟ୍ସ କମ୍ପ୍ଲେକ୍ସ, ତାମିଲନାଡୁର ଧନଲକ୍ଷ୍ମୀ ଶ୍ରୀନିବାସନ୍
ଇଞ୍ଜିନିୟରିଂ କଲେଜ, ପଶ୍ଚିମବଙ୍ଗ
ପଶ୍ଚିମ ଚମ୍ପାରଣ ଜିଲ୍ଲାର ସରକାରୀ ଇଞ୍ଜିନିୟରିଂ କଲେଜ, ପଶ୍ଚିମବଙ୍ଗ ଦୁର୍ଗାପୁରର ଡଃ. ବି. ସି.
ରାୟ ଇଞ୍ଜିନିୟରିଂ କଲେଜ, ପଶ୍ଚିମବଙ୍ଗର
ଫ୍ୟୁଚର ଇନଷ୍ଟିଚ୍ୟୁଟ୍ ଅଫ୍ ଟେକ୍ନୋଲୋଜି, ଗୁଜରାଟର ସରକାରୀ ଇଞ୍ଜିନିୟରିଂ କଲେଜ, ମହାରାଷ୍ଟ୍ରର ପିମ୍ପ୍ରି ଚିଞ୍ଚୱାଡ୍
କଲେଜ ଅଫ୍ ଇଞ୍ଜିନିୟରିଂ ଏଣ୍ଡ୍ ରିସର୍ଚ୍ଚ, ଆନ୍ଧ୍ର ପ୍ରଦେଶ ହାଇଦ୍ରାବାଦର ବି.ଭି.ଆର.ଆଇ.ଟି. କଲେଜ ଅଫ୍
ଇଞ୍ଜିନିୟରିଂ ଫର୍ ୱିମେନ୍, ୟୁପି ଗାଜିଆବାଦର କେ.ଆଇ.ଇ.ଟି. ଗ୍ରୁପ୍ ଅଫ୍ ଇନଷ୍ଟିଚ୍ୟୁସନ୍ସ, ଗୁଜରାଟର ପାରୁଲ୍ ଇନଷ୍ଟିଚ୍ୟୁଟ୍ ଅଫ୍
ଟେକ୍ନୋଲୋଜି, ତାମିଲନାଡୁର
ନଲେଜ୍ ଇନଷ୍ଟିଚ୍ୟୁଟ୍ ଅଫ୍ ଟେକ୍ନୋଲୋଜି, ତାମିଲନାଡୁର କୋଙ୍ଗୁ ଇଞ୍ଜିନିୟରିଂ କଲେଜ, ଓଡ଼ିଶାର ଗାନ୍ଧୀ ଇନଷ୍ଟିଚ୍ୟୁଟ୍ ଫର୍
ଏଡୁକେସନ୍ ଏଣ୍ଡ୍ ଟେକ୍ନୋଲୋଜି, ପଞ୍ଜାବର ଇଣ୍ଡିଆନ୍ ଇନଷ୍ଟିଚ୍ୟୁଟ୍ ଅଫ୍ ଟେକ୍ନୋଲୋଜି, ପଶ୍ଚିମବଙ୍ଗ କୋଲକାତାର ୟୁନିଭର୍ସିଟି
ଅଫ୍ ଇଞ୍ଜିନିୟରିଂ ଏଣ୍ଡ୍ ମ୍ୟାନେଜମେଣ୍ଟ, ୟୁପି ନୋଇଡାର ଜେ.ଏସ୍.ଏସ୍. ଏକାଡେମୀ ଅଫ୍ ଟେକ୍ନିକାଲ୍ ଏଡୁକେସନ୍, ଗୁଜରାଟର ମଧୁବେନ୍ ଏଣ୍ଡ୍ ଭାନୁଭାଇ
ପଟେଲ୍ ଇନଷ୍ଟିଚ୍ୟୁଟ୍ ଅଫ୍ ଟେକ୍ନୋଲୋଜି, ତାମିଲନାଡୁର ଶ୍ରୀ ଶିବସୁବ୍ରମଣ୍ୟମ୍ ନାଦର କଲେଜ ଅଫ୍ ଇଞ୍ଜିନିୟରିଂ
ଏବଂ ଆନ୍ଧ୍ର ପ୍ରଦେଶ ହାଇଦ୍ରାବାଦର ଚୈତନ୍ୟ ଇଞ୍ଜିନିୟରିଂ କଲେଜ ।
ପ୍ରତିଯୋଗିତାରେ 4ଟି ‘ପ୍ରୋବ୍ଲେମ୍ ଷ୍ଟେଟମେଣ୍ଟ୍’ ରହିଥିଲା । ସେଗୁଡ଼ିକ ହେଉଛି: 1-ଗେମିଫାଏଡ୍ ଲର୍ନିଂ ପ୍ଲାଟଫର୍ମ ଫର୍ ରୁରାଲ୍ ଏଡୁକେସନ୍, 2- ଏଆଇ ଡ୍ରିଭେନ୍ ପବ୍ଲିକ୍ ହେଲଥ୍ ଚାଟ୍ ବୋଟ୍ ଫର୍ ଡିଜିଜ୍ ଆୱାରନେସ୍, 3- ଏଆଇ ପାୱାର୍ଡ କ୍ରପ୍ ୟିଲ୍ଡ ପ୍ରେଡିକ୍ସନ୍ ଏଣ୍ଡ୍ ଅପ୍ଟିମାଇଜେସନ୍ ଏବଂ 4- ବ୍ଲକଚେନ୍-ବେସଡ୍ ସପ୍ଲାଇ ଚେନ୍ ଟ୍ରାନ୍ସପରେନ୍ସୀ ଫର୍ ଏଗ୍ରିକଲଚରାଲ୍ ପ୍ରଡ୍ୟୁସ୍ । ଗେମିଫାଏଡ୍ ଲର୍ନିଂ ପ୍ଲାଟଫର୍ମ ଫର୍ ରୁରାଲ୍ ଏଡୁକେସନର କାର୍ଯ୍ୟ ହେଉଛି, ଗେମିଫିକେଶନ୍ ପ୍ରତିପାଦ୍ୟଗୁଡ଼ିକୁ ବ୍ୟବହାର କରି ଗ୍ରାମୀଣ ଅଞ୍ଚଳର ଶିକ୍ଷାରେ ରୁଚି, ଅନୁଭବ ଏବଂ ଶିକ୍ଷାଗତ ଫଳାଫଳ ବୃଦ୍ଧି ପାଇଁ ଏକ ଆନ୍ତର୍କ୍ରିୟାତ୍ମକ ଏବଂ ଆକର୍ଷଣୀୟ ପ୍ଲାଟଫର୍ମ ଉନ୍ନତ କରିବା। ସେହିପରି ଏଆଇ ଡ୍ରିଭେନ୍ ପବ୍ଲିକ୍ ହେଲଥ୍ ଚାଟ୍ ବୋଟ୍ ଫର୍ ଡିଜିଜ୍ ଆୱାରନେସ୍ ବା ରୋଗ ସଚେତନତା ପାଇଁ ଏଆଇ-ଚାଳିତ ପବ୍ଲିକ୍ ହେଲଥ୍ ଚାଟ୍ ବଟ୍ ର କାର୍ଯ୍ୟ ହେଉଛି, ଲୋକଙ୍କ ମଧ୍ୟରେ ବିଭିନ୍ନ ରୋଗ ସମ୍ବନ୍ଧୀୟ ସଚେତନତା ପ୍ରସାର ଏବଂ ପ୍ରତିରୋଧାତ୍ମକ ସ୍ୱାସ୍ଥ୍ୟସେବା ବିଷୟରେ ନିର୍ଦ୍ଦେଶନା ଦେବା ପାଇଁ କୃତ୍ରିମ ବୁଦ୍ଧିମତ୍ତାଆଧାରିତ ଏକ ଚାଟବଟ୍ ଡିଜାଇନ୍ କରିବା। ଏଆଇ ପାୱାର୍ଡ କ୍ରପ୍ ୟିଲ୍ଡ ପ୍ରେଡିକ୍ସନ୍ ଏଣ୍ଡ୍ ଅପ୍ଟିମାଇଜେସନ୍ ବା ଏଆଇ-ସଞ୍ଚାଳିତ ଫସଲ ଉତ୍ପାଦନ ପୂର୍ବାନୁମାନ ଏବଂ ସୁଦୃଢ଼ୀକରଣର କାର୍ଯ୍ୟ ହେଲା, ଏଆଇ ମଡେଲ୍ଗୁଡ଼ିକୁ ବ୍ୟବହାର କରି ଫସଲ ଉତ୍ପାଦନର ପୂର୍ବାନୁମାନ କରିବା ସହିତ କୃଷିକାର୍ଯ୍ୟରେ କିପରି ଅଧିକ ସୁଧାର ଅଣାଯାଇପାରିବ ସେଥିପାଇଁ ଏକ ପୂର୍ବାନୁମାନମୂଳକ ପ୍ରଣାଳୀ ତିଆରି କରିବା। ଏଥିସହ ବ୍ଲକଚେନ୍-ବେସଡ୍ ସପ୍ଲାଇ ଚେନ୍ ଟ୍ରାନ୍ସପରେନ୍ସୀ ଫର୍ ଏଗ୍ରିକଲଚରାଲ୍ ପ୍ରଡ୍ୟୁସ୍ କିମ୍ବା କୃଷି ଉତ୍ପାଦର ସପ୍ଲାଇ ଚେନ୍ ପାଇଁ ବ୍ଲକ୍ ଚେନ୍-ଆଧାରିତ ପାରଦର୍ଶିତାର କାର୍ଯ୍ୟ ହେଲା, କୃଷିଜାତ ପଦାର୍ଥର ସପ୍ଲାଇ ଚେନ୍ରେ ପାରଦର୍ଶିତା, ନିର୍ଭରଯୋଗ୍ୟ ନିକ୍ଷଣ (traceability) ଏବଂ ଭରସା ସୁନିଶ୍ଚିତ କରିବା ପାଇଁ ବ୍ଲକ୍ ଚେନ୍ ପ୍ରଯୁକ୍ତି-ଆଧାରିତ ଏକ ସମାଧାନ ପ୍ରସ୍ତୁତ କରିବା। ଏସବୁ ପ୍ରୋବ୍ଲେମ୍ ଷ୍ଟେଟମେଣ୍ଟଗୁଡ଼ିକରେ 5ଟି ଲେଖାଏଁ ଗ୍ରୁପ୍ ରହିଥିଲା। ଏହାକୁ ଦୀର୍ଘ 36 ଘଣ୍ଟା ଧରି ଅଂଶଗ୍ରହଣକାରୀମାନେ ବସି ସମାଧାନ କରିଥିଲେ ବା ଏହାର କିଛି ସମାଧାନର ସୂତ୍ର ବାହାର କରିଥିଲେ ।
ଏକାଦିକ୍ରମେ ଦୀର୍ଘ ସମୟ ଧରି ବସି ରହିବାକୁ ଥିବାରୁ ସେମାନଙ୍କ ମନ ବିଚଳିତ ହେବା ଥିଲା
ସ୍ୱାଭାବିକ । ସେଥିପାଇଁ ଆୟୋଜକ ଶ୍ରୀ ଶ୍ରୀ ବିଶ୍ୱବିଦ୍ୟାଳୟ ତରଫରୁ ଆଗୁଆ ବ୍ୟବସ୍ଥା
କରାଯାଇଥିଲା । ପ୍ରତିଯୋଗୀମାନଙ୍କ ରିଲାକ୍ସେସନ୍ ବା ଚିତ୍ତ ବିନୋଦନ ପାଇଁ ସୋମବାର ରାତିରେ
ବୋନ୍ ଫାୟାର ଆୟୋଜନ କରାଯାଇଥିଲା । ଏହି ଅବସରରେ ଆୟୋଜିତ
ହୋଇଥିବା ନୃତ୍ୟ ଓ ସଂଗୀତରେ ବିଭିନ୍ନ ରାଜ୍ୟରୁ ଆସିଥିବା ପ୍ରତିଯୋଗୀମାନେ ଝୁମି
ଉଠିଥିଲେ । ଖାଲି ସେତିକି ନୁହେଁ, ମଙ୍ଗଳବାର ସକାଳେ ମଧ୍ୟ ସେମାନେ ଜୁମ୍ବା ନୃତ୍ୟରେ ଅଂଶଗ୍ରହଣ କରିଥିଲେ । ଏକାଦିକ୍ରମେ
କମ୍ପ୍ୟୁଟର ସିଷ୍ଟମରେ ନିୟୋଜିତ ହେବା ଫଳରେ ମନ କିଭଳି ଅଶାନ୍ତ ନ ରହିବ, ସେଥିପାଇଁ ଏହି ଜୁମ୍ବା ନୃତ୍ୟର ଆୟୋଜନ
କରାଯାଇଥିଲା ।
ଫାଇନାଲରେ ଭାରତ ସରକାରଙ୍କ ପକ୍ଷରୁ ଉପରବର୍ଣ୍ଣିତ ଚାରିଟି ପ୍ରୋବ୍ଲେମ୍ ଷ୍ଟେଟମେଣ୍ଟର
ବିଜେତା ହ୍ୟାକ୍ ଲର୍ଡ୍ସ, ଇନୋସ୍ଫିୟର୍ସ, ହାର୍ଟ-ଟୁ-ଓ ଏବଂ ସ୍ୱାସ୍ଥ୍ୟ ସହାୟକ
ଗ୍ରୁପକୁ ଦେଢ଼ଲକ୍ଷ ଟଙ୍କା ଲେଖାଏଁ ସମୁଦାୟ 6 ଲକ୍ଷ ଟଙ୍କା ପୁରସ୍କାର ରାଶି ପ୍ରଦାନ କରାଯାଇଥିଲା । ଶ୍ରୀ ଶ୍ରୀ ବିଶ୍ୱବିଦ୍ୟାଳୟ
କୁଳାଧ୍ୟକ୍ଷା ପ୍ରଫେସର ରଜିତା କୁଲକର୍ଣ୍ଣୀ, କୁଳପତି ପ୍ରଫେସର ଡ. ତେଜପ୍ରତାପ, କାର୍ଯ୍ୟନିର୍ବାହୀ କୁଳସଚିବ ପ୍ରଫେସର
ଡ. ଅନିଲ କୁମାର ଶର୍ମା ଏବଂ କାର୍ମିକ ନିର୍ଦ୍ଦେଶକ ସ୍ୱାମୀ ସତ୍ୟଚୈତନ୍ୟ ପ୍ରମୁଖ ଏହି
ରାଷ୍ଟ୍ରୀୟ ସ୍ତରର ପ୍ରତିଯୋଗିତାର ସଫଳ ଆୟୋଜନ ନିମନ୍ତେ ପ୍ରସନ୍ନତା ପ୍ରକଟ କରି କହିଥିଲେ, “ସ୍ମାର୍ଟ ଇଣ୍ଡିଆ ହ୍ୟାକାଥନ୍-2025
ଆୟୋଜନ ଦ୍ୱାରା ଶ୍ରୀ ଶ୍ରୀ ବିଶ୍ୱବିଦ୍ୟାଳୟ ଗବେଷଣା ଏବଂ ଉଦ୍ଭାବନ କ୍ଷେତ୍ରରେ ନିରନ୍ତର
କାର୍ଯ୍ୟ କରୁଥିବା ପ୍ରମାଣିତ ହୋଇଛି । ତେଣୁ ଏଭଳି ଏକ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ
ବିଦ୍ୟାର୍ଥୀମାନଙ୍କୁ ସଶକ୍ତ କରିବା ସହ ଓଡ଼ିଶାକୁ ବୈଷୟିକ ଜ୍ଞାନକୌଶଳ ଏବଂ ଷ୍ଟାର୍ଟ୍ ଅପର ଏକ
ହବ୍ ଭାବରେ ପରିଚୟ ପ୍ରଦାନ କରିବ ।” ବିଶ୍ୱବିଦ୍ୟାଳୟର ଇଞ୍ଜିନିୟରିଂ ଓ ଟେକ୍ନୋଲୋଜି ବିଭାଗ ଏହାର ସଫଳ ଆୟୋଜନ କରିଥିବାରୁ
ବିଭାଗୀୟ ଡିନ୍ ପ୍ରଫେସର ଡ. ରବିନାରାୟଣ ଶତପଥୀ ନିଜ ବିଭାଗର ସମସ୍ତ ଅଧ୍ୟାପକ ଏବଂ
ଉଦ୍ୟୋକ୍ତାମାନଙ୍କୁ ଅଶେଷ ଧନ୍ୟବାଦ ପ୍ରଦାନ କରିଥିଲେ ।

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